गैजेटेड अधिकारी तथा कमीशन अधिकारी में क्या अंतर होता है

आज हम बात करने वाले हैं एक गैजेटेड अधिकारी तथा एक  कमीशन अधिकारी में क्या अंतर होता है |(difference between commissioned officer and gazetted officer)

 यह नाम हो सकता है आपने कई बार सुने हो कि जिला मजिस्ट्रेट एक  गैजेटेड  अधिकारी होता है आपके जो एसपी साहब होते हैं वह एक  गैजेटेड  अधिकारी होते हैं  अथवा क्लास वन अधिकारी होते हैं परंतु आप इनके बारे में नहीं जानते होंगे |

 आज हम यहां पर विस्तृत चर्चा करके बताने वाले हैं दोनों में क्या अंतर होता है दोनों की  पावर में क्या अंतर होता है |

गैजेटेड अधिकारी तथा एक  कमीशन अधिकारी में क्या अंतर

गैजेटेड अधिकारी gazetted officer

  गैजेटेड अधिकारी  वह अधिकारी है जिसका नाम भारत के  राज् पत्र में आता है |  जब कोई व्यक्ति या आईपीएस या यूपीएससी का एग्जाम क्लियर करता है 

उसके बाद ट्रेनिंग के पश्चात  एक राज पत्र निकाला जाता है जिसमें उसका नाम होता है और वह व्यक्ति किसी पोस्ट पर तैनात कर दिया जाता है |

कमीशन अधिकारी commissioned officer

 और अब हम बात कर लेते हैं कमीशन अधिकारी , कमीशन अधिकारी भी   एक अधिकारी होते हैं  बस  एक अंतर होता है कि कमीशन अधिकारी को यह सारे अधिकार राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं जैसे कि भारत की सेनाओं के अधिकारी,  भारत की सेना के अधिकारी सारे के सारे एक कमीशन अधिकारी होने के साथ-साथ गेस्ट अधिकारी भी होते हैं| 

 तो हम यह भी कह सकते हैं कि जो सिविल अधिकारी होते हैं वह गैजेटेड अधिकारी होते हैं तथा जो फौज के अधिकारी होते हैं वह गैजेटेड भी होते हैं साथ ही साथ में कमीशन अधिकारी भी होते हैं|

यहां पर  फौज  का मतलब है भारतीय वायुसेना, भारतीय थल सेना तथा भारतीय जल सेना तीनों के अधिकारी एक गैजेटेड अधिकारी तथा कमीशंड अधिकारी होते हैं

 यहीं पर अगर आप पैरामिलिट्री फोर्सेस की बात करें या इंडियन कोस्ट गार्ड की बात करें तो यह लोग सिर्फ गैजेटेड अधिकारी होते हैं ना कमीशन अधिकारी|

 उम्मीद करता हूं अब आपको अंतर पता चल गया होगा ऐसी ही पोस्ट पढ़ने के लिए विजिट करते रहिए सरकारी सिलेबस डॉट कॉम|

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